मनीष नरवाल, जापान की राजधानी टोक्यो में खेले जा रहे पैरालंपिक खेलों में शनिवार का दिन भारत के लिए ढेर सारी खुशियां लेकर आया। यहां पैरा खिलाड़ी मनीष नरवाल ने शूटिंग के P4 मिक्सड 50 मीटर पिस्टल SH1 इवेंट में गोल्ड मेडल पर निशाना साधा, वहीं इसी इवेंट में भारत के ही सिंहराज अडाना ने सिल्वर मेडल पर कब्जा किया।
मनीष नरवाल
वहीं मंगलवार को ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाले अडाना ने 216.7 प्वॉइंट्स हासिल कर सिल्वर मेडल अपने नाम किया।मनीष से पहले निशानेबाजी में ही 19 साल की अवनि लेखरा ने 10 मीटर एयर राइफल स्टैडिंग एसएच1 इवेंट में गोल्ड मेडल जीता था। यह भारत का निशानेबाजी में पहला गोल्ड मेडल था।
अवनि ने इसके अलावा 50 मीटर राइफल थ्री पॉजिशन एसएच1 इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया था। अवनि इस तरह दो पैरालंपिक मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनी थीं। उनके अलावा भाला फेंक खिलाड़ी सुमित अंतिल ने इन खेलों में पुरुषों की एफ64 स्पर्धा में कई बार वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ते हुए दूसरा गोल्ड मेडल दिलाकर शानदार डेब्यू किया था।
उन्होंने 62.88 मीटर के अपने ही पिछले वर्ल्ड रिकॉर्ड को दिन में पांच बार बेहतर किया और गोल्ड पर निशाना साधा था।
नरवाल ने मौजूदा पैरालम्पिक खेलों में भारत की झोली में तीसरा स्वर्ण पदक डाला जबकि सिंहराज अडाना ने रजत पदक जीता। उन्नीस वर्ष के नरवाल ने पैरालम्पिक का रिकॉर्ड बनाते हुए 218 . 2 स्कोर किया। वहीं पी1 पुरूषों की एस मीटर एयर पिस्टल एसएच1 स्पर्धा में मंगलवार को कांस्य जीतने वाले अडाना ने 216 . 7 अंक बनाकर रजत पदक अपने नाम किया।
रूसी ओलंपिक समिति के सर्जेइ मालिशेव ने 196 . 8 अंकों के साथ कांस्य पदक जीता। इससे पहले क्वालीफाइंग दौर में अडाना 536 अंक लेकर चौथे और नरवाल 533 अंक लेकर सातवें स्थान पर थे । भारत के आकाश 27वें स्थान पर रहकर फाइनल में जगह नहीं बना सके।
इस वर्ग में निशानेबाज एक ही हाथ से पिस्टल पकड़ते हैं क्योंकि उनके एक हाथ या पैर में विकार होता है जो रीढ की में चोट या अंग कटने की वजह से होता है । कुछ निशानेबाज खड़े होकर तो कुछ बैठकर निशाना लगाते हैं ।


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